जोहो के संस्थापक श्रीधर वेम्बु ने चेतावनी दी है कि एआई क्षेत्र में हो रहा भारी निवेश एक 'क्रेडिट बबल' है, जो 1995-2000 के टेलीकॉम संकट जैसा परिणाम दे सकता है।
वेम्बु के अनुसार, एआई की होड़ में मेमोरी, सीपीयू, जीपीयू और डेटा सेंटर की लागत में भारी उछाल आया है, जिससे स्मार्टफोन और लैपटॉप की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है।
वेम्बु ने भारत के लिए सकारात्मक रुख रखते हुए कहा कि वे एआई के अंधाधुंध खर्च के बजाय अगले 10-15 वर्षों के लिए डीप-टेक जैसे बोरिंग सेक्टर्स में निवेश कर रहे हैं।