
डॉ. मनदीप सिंह मल्होत्रा के अनुसार, सर्वाइकल कैंसर के इलाज के बाद भी महिलाओं को पेल्विक दर्द, असामान्य ब्लीडिंग और लगातार थकान जैसे 10 लक्षणों के प्रति सतर्क रहना चाहिए।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के मुताबिक 2024 में सर्वाइकल कैंसर के 6 लाख से अधिक मामले सामने आए थे, और इलाज के बाद कमजोर इम्यूनिटी के कारण संक्रमण का खतरा बना रहता है।
अमेरिकन कैंसर सोसाइटी शुरुआती दो साल तक हर 3 से 6 महीने में फिजिकल टेस्ट और पैप टेस्ट जैसे रेगुलर फॉलो-अप की सलाह देती है ताकि कैंसर की वापसी का समय पर पता चल सके।