
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डेटा सेंटरों की बेहिसाब मांग के कारण वैश्विक स्तर पर मेमोरी चिप की भारी कमी पैदा हो गई है, जो 2027 तक जारी रह सकती है।
स्मार्टफोन की कुल लागत में मेमोरी चिप का हिस्सा बढ़कर 30-40% तक हो गया है, जिससे शाओमी और वीवो जैसे ब्रांड्स ने बजट मॉडल कम कर दिए हैं।
चीनी ब्रांड्स के पीछे हटने से भारतीय ब्रांड्स जैसे Ai+ और Lava को फायदा मिला है, हालांकि वे भी महंगी मेमोरी की चपेट में हैं।