
अमेरिकी सीनेट ने रूस और ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों को दंडित करने वाले बिल को 86-11 के भारी बहुमत से मंजूरी दे दी है।
इस विधेयक का नाम बदलकर 'लिंडसे ओ ग्राहम सैंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026' रखा गया है, जो भारत जैसे देशों के पेट्रोलियम आयात को प्रभावित कर सकता है।
पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मोदी सरकार की नीतियों के कारण आज देश के हर निर्णय में अमेरिका का हस्तक्षेप बढ़ गया है।