
कूलर के कूलिंग पैड पर धूल, गंदगी और मिनरल्स जमने से छेद बंद हो सकते हैं, इसलिए हर 2 से 3 हफ्ते में पैड को साफ पानी से धोना उसकी लाइफ बढ़ाने में मददगार होता है.
मोटर और पंखे की सही देखभाल तथा समय पर लुब्रिकेशन कराने से कूलर पर अनावश्यक दबाव कम होता है और अजीब आवाज की समस्या से बचा जा सकता है.
गर्मी खत्म होने के बाद कूलर के टैंक को अच्छी तरह खाली करके कूलिंग पैड और टैंक को पूरी तरह सुखाना चाहिए ताकि फफूंदी और जंग जैसी समस्याएं न हों।