-1785329474240_m.webp)
कलकत्ता हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि आधार कार्ड, वोटर आईडी, पैन कार्ड और बैंक खाते भारतीय नागरिकता के अचूक या निर्णायक प्रमाण नहीं हैं।
अदालत ने यह टिप्पणी नागरिकता से जुड़े मामलों की सुनवाई के दौरान की, जिसमें इन दस्तावेजों को नागरिकता साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं माना गया है।
यह फैसला उन लोगों के लिए कानूनी रूप से महत्वपूर्ण है जो सरकारी पहचान पत्रों को ही अपनी नागरिकता का एकमात्र आधार मानते हैं, क्योंकि कोर्ट ने इन्हें केवल पहचान का साधन बताया है।