
IITM पुणे की 6 साल की अध्ययन रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली की हवा में पारे (मर्करी) की मात्रा सामान्य स्तर से चार गुना अधिक पाई गई है।
वायु प्रदूषण में पारे का यह घातक स्तर मुख्य रूप से थर्मल पावर प्लांट, औद्योगिक धुएं और कचरे को खुले में जलाने से बढ़ रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह मर्करी सीधे नर्वस सिस्टम और दिल पर हमला करता है, जिससे मानसिक तनाव और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।