जर्मनी की सारलैंड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने इलास्टोकैलॉरिक कूलिंग तकनीक विकसित की है, जो पारंपरिक गैस-कंप्रेसर के बिना निकल-टाइटेनियम धातु का उपयोग करके कमरे को ठंडा करती है।
यह सॉलिड स्टेट कूलिंग तकनीक कमरे के तापमान को 5 से 10 डिग्री सेल्सियस तक कम कर सकती है और पारंपरिक एसी की तुलना में काफी कम बिजली की खपत करती है।
यूरोपीय आयोग द्वारा भविष्य की सुरक्षित तकनीक मानी जाने वाली यह प्रणाली अभी शुरुआती दौर में है और इसके बड़े पैमाने पर बाजार में आने में अभी कुछ साल का समय लगेगा।