इमली में विटामिन-सी, एंटीऑक्सीडेंट, फाइबर और आयरन भरपूर मात्रा में होते हैं, जो पाचन तंत्र को सुधारने और इम्यूनिटी बढ़ाने में रामबाण माने जाते हैं।
आयुर्वेद के अनुसार, इमली का उपयोग कब्ज और पित्त दोष के उपचार में किया जाता है, जबकि इसके पेड़ मिट्टी के कटाव को रोकने में भी सहायक हैं।
इमली का वृक्ष उष्णकटिबंधीय जलवायु में अच्छी तरह विकसित होता है और इसके फल, पत्तियां व छाल का उपयोग पारंपरिक चिकित्सा में ज्वर के इलाज के लिए किया जाता है।