
शिशुओं को जन्म से पांच साल की उम्र तक पोलियो, डिप्थीरिया, काली खांसी, खसरा और हेपेटाइटिस-बी जैसी बीमारियों से बचाने के लिए समय पर टीकाकरण अनिवार्य है।
WHO के अनुसार 2025 में 1.35 करोड़ शिशु 'जीरो डोज' श्रेणी में थे, जबकि DTP3 वैक्सीन का कवरेज 85% और खसरे की पहली डोज का कवरेज 84% रहा।
डॉक्टरों के अनुसार, यदि कोई डोज छूट जाए तो घबराने के बजाय 'कैच-अप वैक्सीन' लगवाना चाहिए, जो सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में आसानी से उपलब्ध है।