
दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्रों को किसी विषय में बैक या एसेंशियल रिपीट आने पर घबराने की जरूरत नहीं है, इससे डिग्री रद्द नहीं होती बल्कि परीक्षा दोबारा देने का मौका मिलता है।
डीयू के नियमों के मुताबिक ऑड सेमेस्टर की बैक परीक्षा अगले साल के ऑड सेमेस्टर और इवन सेमेस्टर की बैक परीक्षा अगले साल के इवन सेमेस्टर के साथ देनी होती है।
छात्रों को अपने 3 साल के यूजी कोर्स को अधिकतम 5 साल और 2 साल के पीजी कोर्स को 4 साल की अवधि के भीतर सभी बैकलॉग क्लियर करने होते हैं।