
डॉ. पुरेंद्र भसीन के अनुसार, 40 वर्ष से अधिक आयु के लोगों, डायबिटीज के मरीजों और हाई मायोपिया वाले व्यक्तियों में ग्लूकोमा का खतरा सबसे अधिक होता है।
ग्लूकोमा के 30% से अधिक मामले फैमिली हिस्ट्री से जुड़े होते हैं, इसलिए परिवार में किसी को यह बीमारी होने पर नियमित आंखों की जांच अनिवार्य है।
स्टेरॉयड आई ड्रॉप्स का लंबे समय तक उपयोग आंखों का दबाव बढ़ा सकता है, जिससे ग्लूकोमा का रिस्क बढ़ता है, इसलिए किसी भी सर्जरी या चोट के बाद डॉक्टर से परामर्श जरूरी है।