चीन ने पाकिस्तान के साथ अपने आर्थिक संबंधों में दूरी बनानी शुरू कर दी है, जिसका सीधा असर बलूचिस्तान में चल रहे अरबों डॉलर के प्रोजेक्ट्स पर पड़ा है।
बलूच विद्रोहियों के हमलों के कारण चीनी कंपनियों ने काम बंद कर दिया है, जिससे शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर की सरकार के लिए बड़ा आर्थिक संकट पैदा हो गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि चीन का यह मोहभंग पाकिस्तान की गिरती अर्थव्यवस्था और सुरक्षा स्थिति के कारण हुआ है, जो भविष्य में और गहरा सकता है।