
कैंसर के इलाज के दौरान और उसके बाद होने वाली थकान, दर्द और अकड़न को कम करने में फिजियोथैरेपी मददगार साबित होती है।
यह थेरेपी मरीज की शारीरिक क्षमता के अनुसार मांसपेशियों की ताकत, संतुलन और रोजमर्रा की गतिशीलता को सुधारने पर ध्यान देती है।
विशेषज्ञों की देखरेख में हल्के व्यायाम करने से मरीजों को चलने-फिरने का आत्मविश्वास हासिल करने में मदद मिलती है।