स्वास्थ्य विभाग ने नई गाइडलाइन जारी की है, जिसके तहत अब पहली तिमाही में हर गर्भवती महिला की एचआईवी जांच अनिवार्य रूप से की जाएगी।
इस पहल का उद्देश्य मां से बच्चे में संक्रमण के खतरे को कम करना और समय रहते उचित उपचार प्रदान करना है।
सभी सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को इस निर्देश का सख्ती से पालन करने के लिए निर्देशित किया गया है।