
अमेरिका के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने भारत समेत 40 देशों पर चीन के सामान को ट्रांसशिपमेंट के जरिए अमेरिकी टैरिफ से बचाने में मदद करने का आरोप लगाया है।
रिपोर्ट के अनुसार, 2018 में चीन पर टैरिफ लगने के बाद से चीनी कंपनियां भारत के पुणे-गुजरात-चेन्नई औद्योगिक क्षेत्र जैसे स्थानों का उपयोग कर अपने उत्पादों को अमेरिकी बाजार में भेज रही हैं।
अमेरिका अब दोषी कंपनियों की पहचान करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करेगा, क्योंकि ट्रांसशिपमेंट के जरिए होने वाला यह व्यापार सालाना 40 अरब से 303 अरब डॉलर तक हो सकता है।