
रक्षा मंत्रालय सैनिक स्कूलों में ड्रॉप-आउट की समस्या को कम करने के लिए हर कक्षा में खाली सीटों पर नए एडमिशन देने की योजना बना रहा है।
वर्तमान में कक्षा 6 और 9 में ही प्रवेश होता है, जिससे बीच की कक्षाओं में सीटें सालों तक खाली रह जाती हैं, जो मेधावी छात्रों के लिए नुकसानदेह है।
7% छात्र हॉस्टल और कड़े नियमों के कारण बीच में पढ़ाई छोड़ देते हैं, जिसे देखते हुए संसदीय समिति ने तत्काल ठोस व्यवस्था बनाने की सिफारिश की है।