बिहार और असम सरकारों ने नीट पेपर लीक के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के दौरान दर्ज सभी प्राथमिकी वापस लेने और गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों को रिहा करने का निर्णय लिया है।
बिहार में 25 जुलाई को बंद के दौरान 694 लोगों को हिरासत में लिया गया था, जिनमें से 355 लोगों पर मामले दर्ज किए गए थे, जबकि असम में 5 मामले दर्ज कर 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि संगठन अब सरकार द्वारा लिखित समझौते को साझा किए जाने का इंतजार कर रहा है ताकि भविष्य में किसी भी प्रदर्शनकारी को परेशान न किया जाए।