
जर्नल ऑफ द नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट की स्टडी के अनुसार, 28 फीसदी बुजुर्ग कैंसर मरीजों को बीमारी का पता तब चलता है जब वे इमरजेंसी में अस्पताल पहुंचते हैं।
स्टडी में 2008 से 2017 के बीच 9,29,378 मरीजों का विश्लेषण किया गया, जिसमें पाया गया कि इमरजेंसी में कैंसर का पता चलने पर मृत्यु का जोखिम चार गुना अधिक होता है।
ब्रिटेन की रिपोर्ट के मुताबिक, कैंसर के 90 फीसदी मामले 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में पाए जाते हैं, लेकिन 85 वर्ष से अधिक उम्र के केवल 2.4 फीसदी मरीजों को कीमोथेरेपी मिल पाती है।