अनुपम खेर ने NEET पेपर लीक आंदोलन के समाधान का स्वागत किया, लेकिन प्रदर्शन के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी के लिए इस्तेमाल की गई अशोभनीय भाषा पर दुख जताया।
खेर ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध करना और सवाल पूछना अधिकार है, लेकिन विरोध की भाषा इतनी संकीर्ण नहीं होनी चाहिए कि वह व्यक्ति के चरित्र पर सवाल उठाए।
उन्होंने जोर दिया कि किसी भी निर्वाचित प्रधानमंत्री की गरिमा का सम्मान करना नागरिकों का कर्तव्य है और देश को विचारों के मतभेद के बावजूद संस्कृति नहीं भूलनी चाहिए।