
मई 2026 तक भारत में सोने के गहने गिरवी रखकर लिए गए कर्ज में सालाना आधार पर 105 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे बकाया गोल्ड लोन का आकार करीब 5.1 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
फरवरी से अप्रैल 2026 के दौरान सोने की कीमतों में बड़ा उछाल आया, जिससे समान मात्रा के सोने पर पहले की तुलना में ज्यादा कर्ज मिलना शुरू हो गया।
RBI के आंकड़ों के मुताबिक, 2025-26 में गोल्ड लोन का औसत टिकट साइज बढ़कर 1.96 लाख रुपये हो गया, जो एक साल पहले के मुकाबले 39 फीसदी ज्यादा है, और तीन साल में यह लगभग दोगुना हो गया है।