4200 करोड़ रुपये की लागत से बने लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के 18 दिनों में 84 जगहों पर धंसने के बाद टोल वसूली पर रोक लगा दी गई है।
NHAI ने निर्माण कार्य में गुणवत्ता की कमी को देखते हुए ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की है और मरम्मत के आदेश दिए हैं।
इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन हाल ही में हुआ था, जिसे सरकार ने अमेरिका जैसी आधुनिक सड़क बताया था, लेकिन पहली बारिश में ही इसकी पोल खुल गई।