
ब्रिटिश सरकार ने अपने बजट दस्तावेजों में आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए पोस्ट-स्टडी वर्क यानी ग्रेजुएट वीजा की अवधि दो साल तय रहेगी.
यह सुविधा केवल उन विश्वविद्यालयों के स्नातकों को मिलेगी जो हाई-कॉम्प्लायंस श्रेणी में आते हैं और जहां से पढ़ाई के बाद रोजगार के मजबूत अवसर मिलते हैं.
इस फैसले से ब्रिटेन में उच्च शिक्षा की चाह रखने वाले भारतीय छात्रों और परिवारों को बड़ी राहत मिली है जो हालिया नीतिगत बदलावों से चिंतित थे।