इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने गोण्डा की मंडलायुक्त आईएएस दुर्गा शक्ति नागपाल द्वारा सिविल जज (सीनियर डिवीजन) को फोन कर प्रभावित करने के प्रयास को न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर प्रहार बताया है।
मामला 1997 से लंबित नजूल भूमि विवाद से जुड़ा है, जिसमें 15 जुलाई को मंडलायुक्त ने जज शबीना खान को फोन कर कथित तौर पर भला-बुरा कहा था।
न्यायालय ने इसे आपराधिक अवमानना मानते हुए मुख्य न्यायाधीश से निर्देश प्राप्त कर मामले को संबंधित अवमानना कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।