
देहरादून में डेंगू का क्लीनिकल पैटर्न बदल गया है, जहां अब मरीजों में बीमारी के पहले चरण में ही डेंगू शॉक सिंड्रोम के गंभीर लक्षण दिखाई दे रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, जब एक ही व्यक्ति को मच्छर के दो या अधिक अलग-अलग स्ट्रेन काटते हैं, तो शरीर में प्लाज्मा लीक होने और ब्लीडिंग जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो जाती है।
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि डेंगू के पहले चरण यानी 2 से 7 दिनों के भीतर बुखार और दर्द के लक्षण दिखने पर एलाइजा जांच कराना अनिवार्य है।