
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती मांग के बीच गूगल अब अपने खास एआई चिप्स टेंसर प्रोसेसिंग यूनिट्स को अंतरिक्ष की निचली कक्षा में भेजने की तैयारी कर रहा है.
प्रोजेक्ट सनकैचर के तहत स्पेसएक्स के रॉकेट से भेजे जाने वाले इस पहले प्रोटोटाइप का मकसद यह जांचना है कि ये चिप्स अंतरिक्ष के रेडिएशन और तापमान को कितना सहन कर सकते हैं.
गूगल का मानना है कि अंतरिक्ष की कक्षा में लगातार सूर्य की रोशनी मिलने से भविष्य में एआई कंप्यूटिंग के लिए अत्यधिक सौर ऊर्जा का एक नया विकल्प मिल सकता है।