
अलीगढ़ में आयोजित ओबेसिटी कॉनक्लेव में विशेषज्ञों ने मोटापा, टाइप-2 मधुमेह और चयापचय संबंधी समस्याओं के प्रबंधन के लिए आधुनिक औषधीय उपचारों पर मंथन किया।
वैज्ञानिक सत्र में 'टिर्जेपेटाइड' दवा की प्रभावशीलता और सुरक्षा पर चर्चा की गई, जिसे वजन नियंत्रण और मधुमेह के उपचार में एक नई संभावना माना जा रहा है।
कार्यक्रम में करीब 55 चिकित्सकों ने भाग लिया, जहां विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि मोटापा अब केवल वजन की समस्या नहीं, बल्कि हृदय रोग और फैटी लिवर का बड़ा जोखिम कारक है।