
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने 2023 की शिक्षक भर्ती के विज्ञापन और आरक्षण रोस्टर को रद्द कर दिया है, लेकिन वर्तमान में कार्यरत शिक्षकों को राहत दी है।
याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि भर्ती में एसटी वर्ग के लिए 60% से अधिक आरक्षण दिया गया, जो असंवैधानिक है और अन्य वर्गों के अवसर कम करता है।
सरकार बैकलॉग से जुड़े दस्तावेज पेश करने में विफल रही, जिसके बाद अदालत ने विज्ञापन के आधार को रद्द करते हुए सुप्रीम कोर्ट के अधीन मामला रखा है।