
कार्डियोलॉजिस्ट्स के अनुसार, हाई कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स वाले मरीजों को फुल-क्रीम दूध से बचना चाहिए क्योंकि इसमें मौजूद सैचुरेटेड फैट धमनियों में रुकावट पैदा कर सकता है।
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की रिसर्च के अनुसार, लो-फैट या स्किम्ड दूध का सेवन कोलेस्ट्रॉल के मरीजों के लिए सुरक्षित है क्योंकि इसमें सैचुरेटेड फैट की मात्रा न के बराबर होती है।
ऑस्ट्रेलियन हार्ट फाउंडेशन के मुताबिक, मरीज अपनी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार रोजाना 2-4 कप दूध ले सकते हैं, लेकिन आहार में बदलाव से पहले डॉक्टर की सलाह लेना अनिवार्य है।