
संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 164-1 के भारी बहुमत से 'करेक्ट द मैप' प्रस्ताव को मंजूरी दी है, जिसका उद्देश्य दुनिया के नक्शों में देशों के क्षेत्रफल को अधिक सटीक रूप से दिखाना है।
टोगो द्वारा लाए गए इस प्रस्ताव का भारत ने समर्थन किया है, हालांकि भारतीय राजनयिक रघू पुरी ने स्पष्ट किया कि यह किसी एक विशेष नक्शे या 'इक्वल अर्थ प्रोजेक्शन' का समर्थन नहीं है।
मर्केटर मैप की आलोचना करते हुए प्रस्ताव में कहा गया है कि पुराने नक्शों में भूमध्य रेखा से दूर स्थित देशों का आकार वास्तविकता से काफी बड़ा दिखता है, जिसे सुधारने की आवश्यकता है।