
डॉ. सुमिरन पास्से के अनुसार, 25 से 35 वर्ष की आयु महिलाओं के लिए शारीरिक क्षमता और बोन डेंसिटी के मामले में सबसे मजबूत दौर मानी जाती है।
रिसर्च बताती है कि 30-35 की उम्र में मानसिक परिपक्वता और निर्णय लेने की क्षमता पीक पर होती है, जबकि 40-50 की उम्र में महिलाएं भावनात्मक रूप से अधिक लचीली होती हैं।
45 वर्ष की आयु के बाद मेनोपॉज के कारण एस्ट्रोजन स्तर घटने से हड्डियों और मांसपेशियों की कमजोरी का खतरा बढ़ता है, जिसे नियमित स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और प्रोटीन युक्त आहार से नियंत्रित किया जा सकता है।