
नई दिल्ली के MOC कैंसर केयर सेंटर की डायटीशियन मानसी यादव के अनुसार, पके केले में मौजूद सॉल्युबल फाइबर कब्ज से राहत दिलाने में मदद कर सकता है।
एक मध्यम आकार के केले में लगभग 3 ग्राम डाइटरी फाइबर होता है, लेकिन कच्चे या कम पके केले में रेसिस्टेंट स्टार्च अधिक होने से कुछ लोगों में गैस या ब्लोटिंग की समस्या हो सकती है।
IBS के मरीजों के लिए पका हुआ केला लो-फोडमैप (Low-FODMAP) विकल्प हो सकता है, हालांकि इसका सेवन व्यक्ति की पाचन क्षमता और कुल आहार पर निर्भर करता है।