
वित्त वर्ष 2026 में सेबी के नए नियमों के कारण F&O में रिटेल निवेशकों का नुकसान 18% घटकर ₹91,685 करोड़ रह गया है।
बाजार में सट्टेबाजी कम करने के लिए उठाए गए कदमों से F&O में रिटेल हिस्सेदारी 20% घटकर 78.6 लाख रह गई है।
नियमों के बावजूद प्रति ट्रेडर औसत नुकसान ₹1.14 लाख से बढ़कर ₹1.17 लाख हो गया है, जिससे बाजार की लिक्विडिटी और प्राइस डिस्कवरी पर असर पड़ा है।