
नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार 2024 में देशभर में कुल 14,488 छात्रों ने आत्महत्या की, जो 2014 के मुकाबले लगभग 80 प्रतिशत अधिक है।
वर्ष 2014 से 2024 के बीच 11 वर्षों में अकेले महाराष्ट्र से लगभग 17,000 मामले सामने आए और राज्य इस सूची में शीर्ष पर बना हुआ है।
रिपोर्ट के मुताबिक आत्महत्या की सबसे बड़ी वजह पारिवारिक समस्याएं और परीक्षा में असफलता रही है।