
सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी 1996 के 20 रुपये की रिश्वतखोरी के मामले में गुजरात सरकार के दो कर्मचारियों की सजा को रद्द कर दिया है।
जस्टिस उज्ज्वल भुइयां और जस्टिस अतुल एस. चंदुरकर की बेंच ने कहा कि केवल 20 रुपये बरामद होने से रिश्वत की मांग साबित नहीं होती।
मामला एक छात्र द्वारा आय प्रमाण पत्र के लिए रिश्वत देने से जुड़ा था, जिसमें एंटी-करप्शन ब्यूरो ने चपरासी से नोट बरामद किए थे लेकिन क्लर्क के पास पैसे नहीं मिले थे।