अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जॉर्डन में अमेरिकी सेना पर हमले के बाद ईरान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है और चीन व रूस से ईरान को हथियार न देने का दावा किया है।
खुफिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चीन प्रत्यक्ष सैन्य सहायता के बजाय सेंसर, सेमीकंडक्टर और ड्रोन तकनीक जैसे दोहरे उपयोग वाले कंपोनेंट्स की आपूर्ति कर ईरान की युद्ध क्षमता बढ़ा रहा है।
ईरान अपने कुल तेल निर्यात का 90 फीसदी हिस्सा चीन को रियायती दरों पर बेचता है, जिससे बीजिंग को ऊर्जा सुरक्षा मिलती है और तेहरान को अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बीच विदेशी मुद्रा प्राप्त होती है।