रिपोर्ट्स के अनुसार, UAE ने 7 अक्टूबर के हमास हमले से 10 दिन पहले ही इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू को फोन कर चेतावनी दी थी।
चेतावनी को नजरअंदाज करने के आरोपों के चलते इजरायल में राजनीतिक भूचाल आ गया है और नेतन्याहू पर इस्तीफा देने का भारी दबाव है।
विपक्ष ने सुरक्षा चूक के लिए सीधे तौर पर प्रधानमंत्री और उनके सहयोगियों को जिम्मेदार ठहराया है, जिससे आगामी चुनावों में बड़ा उलटफेर हो सकता है।