
बांग्लादेश की तारिक रहमान सरकार ने भारत के सामने शर्त रखी है कि यदि द्विपक्षीय संबंधों को सुधारना है तो पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और अवामी लीग के नेताओं का प्रत्यर्पण जरूरी है।
ढाका में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी के साथ हुई बैठक में भी इस मुद्दे पर चर्चा की गई, जबकि भारत सरकार का कहना है कि वह तय कानूनों की जांच के बाद ही फैसला लेगी।
अपने देश में मौत की सजा पाने वाली पूर्व पीएम शेख हसीना ने हाल ही में कहा था कि वह अवामी लीग के अन्य नेताओं के साथ दिसंबर में बांग्लादेश लौट सकती हैं।