
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस उज्ज्वल भुइयां ने जजों की नियुक्ति में पारदर्शिता की कमी पर सवाल उठाते हुए कॉलेजियम प्रणाली की कड़ी आलोचना की है।
जस्टिस भुइयां ने कहा कि कारण न बताने की प्रक्रिया से अयोग्य न्यायाधीशों के आने का रास्ता खुलता है, जो कभी-कभी लोगों को 'चींटियां' बताने जैसी असंवैधानिक टिप्पणियां करते हैं।
उन्होंने तर्क दिया कि नियुक्ति के कारणों को सार्वजनिक न करने से उन बेहतरीन जजों का नुकसान होता है जिन्होंने अपने करियर में बहुत अच्छा काम किया है।