अमेरिका और वेनेजुएला ने विश्व इतिहास के सबसे बड़े तेल समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत 65 अरब बैरल तेल भंडार का प्रबंधन किया जाएगा।
यह मात्रा भारत की अगले 40 वर्षों की कुल तेल आवश्यकता के बराबर है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में बड़े बदलाव की उम्मीद है।
इस मेगा डील से 100 अरब डॉलर का निजी निवेश आकर्षित होने की संभावना है, जो दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों को नई दिशा देगा।