
IIT बॉम्बे की रिपोर्ट में सिफारिश की गई है कि UPI पेमेंट पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लागू करने से पहले इसमें सुधार जरूरी है।
रिपोर्ट के अनुसार, 50 करोड़ रुपये से कम सालाना कारोबार वाले व्यापारियों को MDR शुल्क से मुक्त रखना चाहिए ताकि उन पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।
सुझाव दिया गया है कि लोन EMI और जरूरी सेवाओं के भुगतान को MDR के दायरे से बाहर रखा जाए और RBI इस नीति को नियंत्रित करे।