
इंडिया रेटिंग्स के अनुसार, भारतीय बैंकों का नेट एनपीए जून तिमाही में घटकर 0.4 प्रतिशत रह गया है, जो 2018 में 6 प्रतिशत था।
चालू वित्त वर्ष के लिए लोन डिस्ट्रीब्यूशन का अनुमान 13 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया है, जबकि डिपॉजिट ग्रोथ का लक्ष्य 13.6 प्रतिशत है।
बैंकों को अब नेट इंटरेस्ट मार्जिन में कमी और कर्ज लागत में 74 आधार अंकों की संभावित बढ़ोतरी जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।