आरबीआई की 8 जून को शुरू हुई रियायती डॉलर स्वैप सुविधा के तहत 31 जुलाई तक विदेशी मुद्रा डिपॉजिट का आंकड़ा 40.8 अरब डॉलर के पार पहुंच गया है।
पिछले दो हफ्तों में FCNR(B) डिपॉजिट में 77% की भारी वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे कुल इनफ्लो 36.7 अरब डॉलर तक पहुंच गया है, जो 2013 के 26 अरब डॉलर के आंकड़े से कहीं अधिक है।
यह विशेष सुविधा FCNR(B) डिपॉजिट के लिए 30 सितंबर, 2026 तक और OFCB व ECB के लिए 31 दिसंबर, 2026 तक उपलब्ध रहेगी, जिससे विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूती मिल रही है।