
मिर्गी केवल दौरों तक सीमित नहीं है, बल्कि अगला दौरा कब आएगा इस अनिश्चितता का डर मरीजों के मानसिक स्वास्थ्य और आत्मविश्वास को प्रभावित करता है।
डॉक्टरों के अनुसार सही चिकित्सकीय सलाह, समय पर दवा और पूरी नींद लेने से इस बीमारी के साथ भी सामान्य जीवन जीना संभव है।
परिवार और सहकर्मियों के सहयोग से मरीज बिना किसी सामाजिक भेदभाव के अपने करियर और रिश्तों को बेहतर तरीके से संभाल सकते हैं।