AIIMS गोरखपुर के शोध में पाया गया कि TAP-1 और TAP-2 प्रोटीन की कमी से कैंसर का खतरा बढ़ जाता है, जिसे शुरुआती जांच से पहचाना जा सकता है।
तंबाकू सेवन करने वाले मरीजों पर किए गए इस अध्ययन से पता चला कि ये प्रोटीन कैंसर कोशिकाओं को प्रतिरक्षा प्रणाली से छिपाने में मदद करते हैं।
शोधकर्ताओं का दावा है कि इस खोज से भविष्य में नई इम्यूनोथेरेपी और जीन-आधारित उपचार विकसित करने में मदद मिलेगी, जिससे कैंसर के सटीक इलाज की संभावना बढ़ेगी।