अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 7 अगस्त को हुए तुर्की, सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच 'मक्का रक्षा समझौते' की सराहना करते हुए इसे मध्य पूर्व में एकता के लिए साहसिक कदम बताया है।
समझौते के तहत तीनों देशों ने प्रावधान किया है कि किसी एक पर हुआ सशस्त्र हमला तीनों पर हमला माना जाएगा, जो तकनीकी रूप से नाटो के अनुच्छेद 5 के समान है।
भारत के विदेश मंत्रालय ने इस समझौते के क्षेत्रीय शांति और भारत पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों का आकलन करने की बात कही है।