बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना जल्द ही एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए देश वापसी की घोषणा करने वाली हैं, जिसे लेकर अंतरिम सरकार के सलाहकार सतर्क हैं।
तारिक रहमान ने ढाका में 'जुलाई जन-विद्रोह स्मारक संग्रहालय' का उद्घाटन करते हुए हसीना की वापसी से देश में अस्थिरता पैदा होने की आशंका जताई है।
रहमान सरकार ने हसीना को भारत से प्रत्यर्पित करने की मांग की है ताकि उन पर हत्या और विद्रोह के उन मामलों में मुकदमा चलाया जा सके जिनमें उन्हें सजा मिल चुकी है।