
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने परीक्षाओं को ज्यादा सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का बड़े स्तर पर उपयोग शुरू कर दिया है.
परीक्षा केंद्रों पर धोखाधड़ी रोकने के लिए आधार आधारित प्रमाणीकरण और फेस रिकग्निशन जैसी तकनीकों को लागू कर दिया गया है.
सफल होने के बाद भारत इस तकनीक को 'डिजिटल पब्लिक गुड' के रूप में ब्रिक्स समेत दुनिया के अन्य देशों के साथ साझा कर सकता है.