शबाना आजमी ने फिल्म 'बंटवारा 1947' के एक सीन का जिक्र करते हुए बताया कि विलेन द्वारा कुर्ता फाड़ने के दृश्य के दौरान उन्होंने खुद को बेहद बेबस महसूस किया था।
शबाना ने बताया कि उस कठिन पल में सनी देओल ने दुपट्टा ओढ़ाकर उन्हें सुरक्षा प्रदान की, जिससे वे भावुक हो गईं और सनी को अपना प्रोटेक्टर माना।
निर्देशक राजकुमार संतोषी ने बताया कि इस फिल्म को बनाने में 15-16 साल का समय लगा है और इसे आमिर खान के प्रोत्साहन के बाद पूरा किया जा सका है।