
मरीज को गलत ब्लड ग्रुप का खून चढ़ाने से इम्यून सिस्टम लाल रक्त कोशिकाओं पर हमला करता है जिसे हीमोलिटिक ट्रांसफ्यूजन रिएक्शन कहते हैं और इससे किडनी खराब हो सकती है।
गलत खून चढ़ने पर मरीज को तेज बुखार, सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी, चक्कर और ब्लड प्रेशर कम होने जैसे लक्षण तुरंत दिखाई देने लगते हैं।
गलती का पता चलते ही ट्रांसफ्यूजन रोककर नसों के जरिए तरल पदार्थ दिए जाते हैं और गंभीर मामलों में आईसीयू या डायलिसिस की जरूरत पड़ सकती है।